महाराष्ट्र में अचानक हुई सियासी उठापटक के बीच, जो शख़्स सबसे ज़्यादा चर्चा के में है, वो हैं अजित पवार.
अजित पवार शिव सेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस के सत्ता तक पहुंचने के बीच में वो दीवार बनकर आए जिसने बीजेपी के लिए सरकार बनाने का रास्ता बना दिया.
शनिवार सुबह देवेंद्र फडणवीस के सीएम और अजित पवार के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ये सवाल बार-बार उठ रहे हैं कि अजित पवार क्या अलग पार्टी बनाएंगे और एनसीपी उन्हें लेकर क्या फ़ैसला लेगी.
एनसीपी प्रमुख शरद पवार का रुख़ भी अपने भतीजे अजित पवार को लेकर साफ़ नहीं है.
उन्होंने शनिवार को कहा कि उनके भतीजे अजित पवार ने राज्यपाल को गुमराह किया है. उनके पास ज़रूरी विधायकों का समर्थन नहीं है. अजित पवार का ये क़दम दल-बदल क़ानून के तहत आता है और उन्होंने अनुशासनहीनता की है.